बार बार बीपी लो होने का क्या कारण हो सकता है?HealthPlanet

Posted on Thu 1st Dec 2022 : 13:25

Low Blood Pressure: बीपी कम होने के कारण, लक्षण और बचाव के तरीके

अगर आपका ब्लड प्रेशर अक्सर लो हो जाता है तो आपको इस स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए। बीपी ज्यादा कम होने पर ऑर्गन फेलियर से लेकर दिल का दौरा पड़ने जैसी खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है। यहां जानें इससे बचने के तरीके...
 

लो ब्लड प्रेशर या कहें निम्न रक्तचाप को मेडिकल की भाषा में हायपोटेंशन कहा जाता है। अगर किसी व्यक्ति के ब्लड प्रेशर की रीडिंग 90 और 60 से कम है तो वह लो बीपी वाले लोगों की श्रेणी में आता है। लो बीपी के कई कारण हो सकते हैं जैसे शरीर में पानी की कमी, दवाई का बुरा असर, सर्जरी या गंभीर चोट के कारण, जेनेटिक, स्ट्रेस, ड्रग्स, खाने से जुड़ी खराब आदतें, ज्यादा भूखा रहना आदि।


कम ब्लड प्रेशर दिल की बीमारी की ओर भी इशारा करता है, क्योंकि ब्लड फ्लो सीधे तौर पर दिल की पंपिंग की क्रिया पर निर्भर करता है। ऐसे में आर्टरी में किसी प्रकार की दिक्कत ब्लड पंप करने में दिक्कत पैदा कर सकती है, जो शरीर के अंगों तक पर्याप्त खून नहीं पहुंचने देती।


लक्षण
चक्कर आना
आंखों के सामने अंधेरा छाना
धुंधला दिखाई देना
उल्टी जैसा होना
थकान होना
ध्यान लगाने में परेशानी होना
हाथ-पैर ठंडे होना
चेहरा सफेद पड़ना

सांस लेने में दिक्कत होना
खाने में परेशानी होना

बीपी चेक कराने जा रहे हैं तो इन बातों का रखें ख्याल

रहें सावधान
निम्न रक्तचाप को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इस स्थिति में शरीर के अंगों में सही तरह से खून की सप्लाई नहीं होती है जिस वजह से स्ट्रोक, हार्ट अटैक और किडनी फेल तक हो सकती है। बीपी ज्यादा कम होने पर व्यक्ति बेहोश हो सकता है, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आ सकती है। ऐसे कई मामलों में ब्रेन हैमरेज होने के केस भी सामने आ चुके हैं।


बचाव
वैसे व्यक्ति कुछ एहतियात बरते तो लो बीपी की स्थिति से बच सकता है:

*खाने में नमक की मात्रा बहुत कम न रखें। शरीर के बीपी को मेनटेन रखने में नमक अहम भूमिका निभाता है।
*दिनभर में 8 ग्लास पानी या किसी अन्य तरह का लिक्विड इनटेक जरूर रखें, ताकि शरीर हाइड्रेट बना रहे।
*झटके से नीचे से ऊपर की ओर उठने से बचें।
*दवाई डॉक्टर की सलाह पर ही लें। अगर आपको किसी ड्रग से रिऐक्शन है तो इससे भी बीपी गड़बड़ हो सकता है।

*ज्यादा मेंटल या फिजिकल स्ट्रेस लेने से बचें।
*सिगरेट व शराब का सेवन न करें।
*खाने में सब्जियों व फलों को ज्यादा शामिल करें।
*हाई कार्ब वाले खाने से बचें।

जानें, ब्लड ग्रुप के मुताबिक क्या खाएं और क्या नहीं


फिट रहने के लिए कैसी डायट लेनी चाहिए और कैसी नहीं इसे लेकर लोग कई तरह की रिसर्च करते हैं। सिलेब्रिटीज जैसी बॉडी पाने के लिए वह वर्कआउट से लेकर खाने की चीजों पर काफी पैसे भी खर्च करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी बॉडी को कौन सा फूड और कौन सी एक्सर्साइज सूट करेगी उसका आपके ब्लड ग्रुप से गहरा नाता है।
-
जीनोटाइप डायट यानी आपके ब्लड ग्रुप के मुताबिक क्या खाना चाहिए क्या नहीं इस कॉन्सेप्ट को डायट गुरू डॉक्टर पीटर डी'अडामो ने डिवलप किया है। तो चलिए जानते हैं कि आपके ब्लड ग्रुप के हिसाब से कौन सी है बेस्ट डायट और एक्सर्साइज।

वॉरियर यंग ऐज में आमतौर पर लंबे-पैरों और पतले फिगर वाले होते हैं, लेकिन 40 की उम्र तक आते हुए उनकी बॉडी स्लो होने लगती है। इस वजह से उनका वजन बढ़ता है, मेटाबॉलिजम स्लो होने लगता है और बुढ़ापा भी जल्द आता है। उन्हें बाद की उम्र में फर्टिलिटी से जुड़ी समस्या और डायबीटीज भी हो सकती है। ऐसे बल्ड ग्रुप वालों को ज्यादा ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली मील और प्रॉसेस्ड फूड जैसे ब्रेकफस्ट में सीरियल्स, ब्रेड और माइक्रोवेव मील्स नहीं खाना चाहिए। वॉरियर्स को मीट की जगह सी-फूड, फिश ऑइल और प्रोटीन रिच फूड को अपनी डायट में शामिल करना चाहिए। एक्सर्साइज के लिए उन्हें रनिंग, वॉकिंग और स्विमिंग करना चाहिए।

इस ब्लड ग्रुप के लोगों का फुलर फिगर होता है और वॉरियर की तरह ही इन्हें भी बाद की ऐज में डायबीटीज होने का खतरा रहता है। उनके बॉडी वेट में अक्सर उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। ऐसे लोगों को लीन प्रोटीन जैसे चिकन, टर्की, अंडे और फिश का सेवन करना चाहिए। उन्हें अपनी डायट में से वाइट ब्रेड और पास्ता को माइनस करने के साथ ही रेग्युलर एक्सर्साइज पर ध्यान देना चाहिए। वॉकिंग और स्विमिंग करना भी अच्छा ऑप्शन है।

इस ब्लड टाइप के लोग आमतौर पर मजबूत और फ्लेक्सिबल होते हैं। उनकी हाइट ऐवरेज होती है और वजन कम होता है। इनका मेटाबॉलिजम हाई होता है। उन्हें पेट और पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है लेकिन हेल्दी डायट मेनटेन करने पर वह खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। इन लोगों को फिश, नट्स, राइस, पास्ता, फ्रूट्स और सब्जियां खूब खानी चाहिए। मीट से दूरी बनाए रखना इनके लिए अच्छा है। खुद को शेप में रखने के लिए योग इस ब्लड ग्रुप के लोगों के लिए अच्छा है।

इस ब्लड टाइप के लोग ब्रॉड शोल्डर्स और नैरो हिप्स की काया वाले होते हैं। इन्हें खाने व हॉर्मोन से जुड़ी समस्या हो सकती है। हेल्दी बॉडी मेनटेन करने के लिए इन बल्ड ग्रुप्स वालों को आयरन रिच फूड्स- बीन्स, दाल, तोफू, काजू और पालक को डायट में शामिल करना चाहिए। उन्हें शराब और कैफीन का सेवन कम करना चाहिए साथ ही में प्रॉसेस्ड फूड से भी दूरी बनाए रखना चाहिए। शेप में रहने के लिए इनके लिए साइकलिंग अच्छा ऑप्शन है।

इस तरह के लोग आमतौर पर लंबे, पतले और शार्प जॉ लाइन वाले होते हैं। इनका मेटाबॉलिजम काफी स्ट्रॉन्ग होता है जिसका मतलब है कि उन्हें वाइरस से खतरा कम होता है, लेकिन ऐसे लोगों को ब्लड शुगर और ऐलर्जी की समस्या हो सकती है। हंटर्स को चिकन, मीट का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही वे अपनी डायट में पत्तेदार सब्जी को भी शामिल करें। इस ब्लड टाइप के लोगों को दाल और राजमा नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह उनके इंसुलिन प्रॉडक्शन को धीमा कर सकता है। इनके लिए रनिंग, स्विमिंग और वॉकिंग अच्छा व्यायाम है।

ऐसे लोग या तो बहुत लंबे होते हैं या फिर छोटे। इनका डाइजेस्टिव सिस्टम स्लो और इम्यून सिस्टम वीक हो सकता है। ऐसे लोगों को फिश ऑइल को डायट में शामिल करना चाहिए। इन्हें ऐसे फूड अवॉइड करना चाहिए जिसमें ग्लूटन की मात्रा ज्यादा हो जैसे-आटा, बेसन आदि। इन्हें ताई ची और योग करना चाहिए।

इलाज
लो ब्लड प्रेशर के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर ऑप्शन होता है। डॉक्टर बेहतर तरीके से बीपी की स्थिति व कारण का पता लगा सकते हैं। इसी के अनुसार वह दवाई या बीपी को नॉर्मल करने व इसे बनाए रखने के तरीके के बारे में सलाह देते हैं। योग और व्यायाम भी शरीर में ब्लड प्रेशर को मेनटेन रखने में मदद करते हैं। हालांकि अगर आप पहले से लो बीपी के पेशंट हैं तो किसी भी योग या व्यायाम की क्लास जॉइन करने से पहले डॉक्टर व एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info